ApnaCg@क्षेत्र में पर्याप्त बारिश के बाद खेती किसानी के काम में आई तेजी

0

शेखर बैशवाडे/नेवसा@अपना छत्तीसगढ़ – खेती किसानी के लिए पर्याप्त बारिश होने के बाद इन दिनों खेतों में रोपाई के साथ-साथ बियासी का काम भी जोर-शोर से शुरू हो गया है। एक साथ खेतों में काम शुरू होने से किसानों को मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं। जो मिल रहे हैं वे भी अधिक मजदूरी की मांग कर रहे हैं। किसान हर साल बढ़ती मजदूरी दर से चिंतित हैं। बेलतरा क्षेत्र के गांवों में हो रही अच्छी बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिल गए और पखवाड़े भर पहले खेती-किसानी के काम काज में तेजी आई और किसान पर्याप्त पानी होने से रोपाई में जुटे । अब एक साथ सब तरफ रोपाई का काम शुरू हो जाने में मजदूरों की समस्या सामने आ रही है। अब काम करने के लिए मजूदरों का टोंटा हो गया है। मजदूरों की मांग बढऩे से मजदूर भी मौके का फायदा उठा रहे हैं। आजकल मजदूर समूह बनाकर काम का ठेका ले रहे हैं। सुविधा संपन्न जिन किसानों ने धान की बोआई बहुत पहले कर ली थी वे इन दिनों खेतों में उग आए खरपतवारों को निकालने में व्यस्त हैं। इन दिनों कुछ किसानों ने बियासी भी शुरू कर दी है। पखवाड़े भर के भीतर अधिकांश खेतों में बियासी के कार्य में भी गति जाएगी। किसानों ने बताया कि धान के पौधे निकलने के साथ-साथ खेतों में खरपतवार भी उग आए थे। खरपतवार को हटाने के बाद बियासी करा रहे हैं। किसानों ने बताया कि अच्छी पैदावार के लिए खेतों में बियासी कार्य कराना पड़ता है। गांव में कुछ किसानों ने बियासी शुरू कराया है। कुछ दिन बाद इस कार्य में गति आएगी। इससे बियासी कार्य के लिए ठेका का रेट बढ़ेगा।

क्या कहते हैं किसान

ग्रामीण क्षेत्र के किसानो ने बताया कि खेतों में रोपा लगाने का काम इन दिनों मजदूरों से करवा जा रहा है जिसके लिए 4000 रुपए प्रति एकड़ मजदूरी देनी पड़ रही है। किसान प्रशांत कश्यप ने बताया कि हर साल गांव में मजदूरी रेट बढ़ता ही जा रहा है। पिछले साल जहां रोपाई का ठेका 2500 रुपए के आसपास था। वहीं यह इस साल बढ़कर 3 हजार तक पहुंच गया है। हर साल बढ़ती मजदूरी लागत से फसल उत्पादन की लागत बढ़ती जा रही है। ट्रैक्टर से जुताई-मताई का खर्च भी निंदाई से कम पड़ता है। निंदाई-रोपाई का कार्य बिना मानवीय श्रम से संभव नहीं है। ऐसे में मजबूरन अधिक कीमत देकर कार्य करवाना पड़ता है। आधुनिकता के इस युग में आज भी अंचल के किसान पुरानी पद्धति से खेती कर रहे है और हाथों से रोपा लगवा रहे है। क्षेत्र के किसान रोपा लगाने से ज्यादा सीधे खेतो में धान की बीज डालकर बोआई करते है। क्षेत्र के बेलतरा, बेलपारा , कसियारापारा, सलखा , लिम्हा, कड़री, बसहा , करमा , नेवसा, गिधौरी, सहित क्षेत्र मे रोपाई का कार्य तेजी से चल रहा है। क्षेत्र के किसानों सहित लोगों को इस बार अच्छी बारिश की उम्मीद है। इस वर्ष किसानों को पिछले वर्ष की अपेक्षा अच्छी बारिश की उम्मीद में किसान खेती कार्य को लगन से करने में लगे हुए है।

अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक
Author: अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक

The news related to the news engaged in the Apna Chhattisgarh web portal is related to the news correspondents. The editor does not necessarily agree with these reports. The correspondent himself will be responsible for the news.

Leave a Reply

You may have missed

error: Content is protected !!