ApnaCg@”सत्ता” में रहकर खेला “सट्टा” का खेल बुरे फसे भूपेश बघेल:महादेव बैटिंग ऐप से 508 करोड रुपये लेने पर एफआईआर हुई दर्ज।

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रायपुर@अपना छत्तीसगढ़। लोकसभा चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस की ईओडब्लू और एसीबी विंग ने महादेव बेटिंग एप के मालिकों से 508 करोड़ रुपये प्रोटेक्शन मनी लेने के मामले में प्रिवेंशन आफ करप्शन एक्‍ट के तहत एफआइआर दर्ज कर ली है। कांग्रेस ने बघेल को राजनांदगांव से लोकसभा का प्रत्याशी बनाया है और इस एफआइआर के बाद बघेल की मुश्किलें बढ़ सकती है।
सूत्रों के अनुसार भूपेश बघेल पर महादेव बेटिंग एप के मालिक रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर से 508 करोड़ रुपये प्रोटेक्शन मनी लेने का आरोप है। ईओडब्लू और एसीबी ने एफआइआर ईडी द्वारा कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट के आधार पर किया गया है।

असीम दास के बयान के आधार पर ईडी ने भूपेश बघेल के खिलाफ दर्ज किया FIR

ईडी ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि भूपेश बघेल और उनके सरकार के कई मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों को महादेव बेटिंग एप ने करोड़ों रुपये प्रोटेक्शन मनी दिया है। ईडी ने चंद्राकर और उप्पल के करीबी असीम दास को विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद तीन नवंबर को रायपुर की एक होटल की पार्किंग से गिरफ्तार किया था। जिस दौरान असीम दास की गाड़ी और घर से पौने तीन करोड़ रुपये बरामद किए थे।

असीम दास ने भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये देने का किया था राजफाश

असीम ने बयान में कहा कि वो ये पैसे किसी भूपेश बघेल को देने आया था। इसी दौरान दास ने यह राजफाश किया था कि वो अबतक 508 करोड़ रुपये भूपेश बघेल को पहुंचा चुका है। इसी आधार पर भूपेश बघेल के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है।

“बगुलाभगतो” पर महादेव का प्रकोप बरसना तय: राजेश मुड़त

राजेश मूणत ने ट्वीट कर भूपेश बघेल पर निशाना साधा है। राजेश मूणत ने सोशल मीडिया हैंडल X पर लिखा है कि…कांग्रेस के पतन के साथ ही सुशासन लौट आया है।कानून भी अपना काम कर रहा है।भगवान का नाम लेकर धोखाधड़ी, अपराधिक साजिश, विश्वासघात, और जालसाजी करने वाले “बगुलाभगतो” पर महादेव का प्रकोप बरसना तय है। भूपेश बघेल जनता पहले ही आपको सबक सीखा चुकी है। आगे-आगे देखिए होता है क्या!
आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ महादेव सट्टा एप मामले में EOW ने FIR दर्ज की है। भूपेश बघेल के साथ 19 अन्य नामजद के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। FIR में कहा गया है कि महादेव सट्टा एप मामले में प्रोटेक्शन मनी के लिए राजनीतिक, प्रशासनिक और पुलिस के सीनियर अफसरों का सहारा लिया गया। उन्हें करोड़ों रुपये प्रोटेक्शन मनी दिया जाता था, ताकि महादेव सट्टा एप मामले में किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो। आपको बता दें कि इससे पहले महादेव सट्टा एप को लेकर ED ने जो चार्जशीट दायर की थी, उसमें भी भूपेश बघेल का नाम था…

दुबई से आई वो कॉल, जिससे बढ़ी भूपेश बघेल की मुश्किलें।

महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामला तब से सुर्खियों में आया, जब ईडी ने दावा किया कि उसने एक ‘कैश कूरियर’ के ईमेल स्टेटमेंट को रिकॉर्ड किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यूएई में स्थित ऐप प्रमोटरों से कथित तौर पर 508 करोड़ रुपये लिए थे।छत्तीसगढ़ में मंगलवार को विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत वोट डाले जाने हैं। लेकिन चुनाव से पहले ही महादेव ऐप’ के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है. यह ऐप ईडी की रडार पर है।ऐसे में कहा जा रहा है कि ईडी के हाथ एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस लगा है, जिससे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
इस मामले में गिरफ्तार एजेंट असीम दास के आईफोन 12 से ईडी को 29 सेकंड का रिकॉर्डिड ऑडियो मैसेज मिला है।ये मैसेज दुबई में बैठे शुभम सोनी ने असीम को भेजा था। कहा जा रहा है कि यही इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस बघेल की मुश्किलें बढ़ा सकता है।इस रिकॉर्डिड ऑडियो मैसेज में शुभम सोनी दरअसल असीम से कह रहा है कि भाई तू एक काम कर, तू अभी के अभी इंडिया से निकल जा, मुझे पैसे के लिए भयंकर कॉल और मैसेज आ रहे हैं, तो तू एक काम कर यहां से निकल, मैं तुझे रायपुर की ब्रांच से 8/10 करोड़ दिलवा रहा हू, तो तू वहां पर छुड़वा देना, बघेल जी के पास ऑडियो मैसेज में आगे कहा गया कि एक बार बात भी कर लेना कि काम-वाम न बंद हो अपना कोई भी और बाकी तो मैं करवा नेक्स्ट टाइम में…अभी इलेक्शन टाइम चल रहा है न, तो हो नही पा रहा है।इस पर भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि ईडी ही बीजेपी है और बीजेपी ही ईडी है.

कब सुर्खियों में आया महादेव बेटिंग ऐप?

महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामला तब से सुर्खियों में आया, जब ईडी ने दावा किया कि उसने एक ‘कैश कूरियर’ के ईमेल स्टेटमेंट को रिकॉर्ड किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यूएई में स्थित ऐप प्रमोटरों से कथित तौर पर 508 करोड़ रुपये लिए थे,वहीं, महादेव बुक के मालिक अब हिरासत में हैं, उसे मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तार किया गया है।

कैश कूरियर ने चौंकाने वाले राज उगले थे

केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दावा किया था कि फॉरेंसिक जांच और कैश कूरियर द्वारा दिए गए बयान से चौंकाने वाली बात सामने आई है। आरोप है कि महादेव सट्टेबाजी ऐप प्रमोटरों ने CM भूपेश बघेल को करीब 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। हालांकि अभी ये जांच का विषय है. वहीं सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि इससे बड़ा क्या मजाक हो सकता है।किसी को पकड़ा कर अगर मैं पीएम का नाम बुलवा दूं तो क्या आप पीएम से पूछताछ करेंगे, किसी का नाम उछालना बहुत आसान है।

ED ने दुबई से आए एजेंट को किया था अरेस्ट

ED ने एजेंट असीम दास को 5.39 करोड़ रुपये कैश बरामद करने के बाद रायपुर में गिरफ्तार किया था,जांच एजेंसी के मुताबिक एजेंट असीम दास को ऐप प्रमोटरों ने UAE से भेजा था।आरोप है कि उसे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को चुनाव खर्चों के लिए बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने का काम दिया गया था।जांच एजेंसी ने एक बयान में आरोप लगाया कि असीम दास ने स्वीकार किया है कि जब्त किया गया कैश महादेव ऐप प्रमोटरों ने छत्तीसगढ़ में आगामी चुनाव खर्चों के लिए एक राजनेता ‘बघेल’ तक पहुंचाने की व्यवस्था की थी।

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के तार छत्तीसगढ़ से दुबई तक, यह हैं पर्दे के पीछे छुपे चेहरे

महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में अभी तक सिर्फ दोनों प्रमोटरों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के नाम सामने आए थे, लेकिन परदे के पीछे इस काले कारोबार के सूत्रधार और भी हैं। इनमें दुबई और भारत में रहकर महादेव ऐप का नेटवर्क चलाने से लेकर हवाला कारोबार से जुड़े लोग और सरकारी सुरक्षा के नाम पर घूसखोरी करने वाले पुलिस कर्मी भी हैं।मिडिया की इस खास पड़ताल में इन सबके रोल और ठिकानों की जानकारी मिली है।
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप स्कैम में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ईडी ने एक बार फिर करोड़ों रुपये बरामद किए हैं। हालांकि 6000 करोड़ से भी ज्यादा के महादेव ऑनलाइन बेटिंग स्कैम के मास्टरमाइंड और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल अब तक ईडी की पहुंच से बाहर हैं।इसी बीच चौकाने बाला मामला सामने आया हैं जहां महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के मामले में आरोपी शुभम सोनी ने दुबई से एक बयान वीडियो बनाकर जारी किया है। उसने कहा है कि वही महादेव ऐप का असली मालिक है और वह भूपेश बघेल के कहने पर दुबई गया,उसने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में 5.39 करोड़ रुपये जब्त किए थे,ईडी के मुताबिक यह राशि दुबई से शुभम सोनी ने भूपेश बघेल के लिए भेजी थी।ईडी के अनुसार शुभम सोनी के कहने पर असीम दास यह कैश देने के लिए जा रहा था।ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग केस में शुभम सोनी वांटेड है।

साल 2021 में महादेव बेटिंग ऐप शुरू किया था

महादेव ऐप के प्रमोटर के करीबी शुभम सोनी ने रविवार को एक वीडियो मैसेज में दावा किया है कि ‘मैं ही महादेव बेटिंग ऐप का मालिक हूं।उसने अपना पेन कार्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट दिखाकर दावा किया कि साल 2021 में महादेव बेटिंग ऐप शुरू किया था।सोनी ने कहा कि, ”भिलाई में मैंने छोटी-सी बुक शुरू की थी,उस बुक से पैसा आने लगा, लाइफ स्टाइल बदल गई।मामला आगे पता चलने लगा, लड़के पकड़े जाने लगे।फिर मैं वर्मा जी के सम्पर्क में आया और मैंने उन्हें 10 लाख रुपये महीना बतौर प्रोटेक्शन मनी देना शुरू कर दिया।

सीएम साहब ने बोला कि अपना काम बढ़ाओ और दुबई जाओ’

उसने कहा कि, ”मेरे लड़के पकड़े गए तो मैंने वर्मा जी को बोला. वर्मा जी ने फिर मेरी मीटिंग सीएम साहब से करवाई. वहां बिट्टू जी और सीएम साहब ने बोला कि अपना काम बढ़ाओ और दुबई जाओ।वहां मेरा काम अच्छा चल रहा था, लेकिन फिर प्रॉब्लम हुई, मेरे लड़के पकड़े गए। मैं रायपुर आया और मैं फिर वर्मा जी और गिरीश तिवारी के जरिए उस वक्त एसपी प्रशांत अग्रवाल से मिला।शुभम ने कहा कि, ”प्रशांत अग्रवाल ने मेरी बात अपने फोन से स्पीकर पर सीएम बघेल से करवाई। उन्होंने बोला तुझे वहां काम संभालने भेजा था तो मालिक बन गया।मैंने रिक्वेस्ट की तो बोले प्रशांत से बात करो समझा देगा तुम्हें क्या करना है।फिर प्रशांत जी ने जो बोला, जिस-जिस को देने को बोला, मैंने दिया. बिट्टू भैया के जरिए 508 करोड़ रुपये भी दे चुका हूं, फिर भी मुझे दिक्कत कर रहे हैं।

भिलाई में जूस की दुकान चलाने वाला बन गया सट्टा किंग

वैसे सट्टा किंग बनने से पहले छत्तीसगढ़ के भिलाई में जूस की दुकान चलाने वाले सौरभ चंद्राकर और उसके पार्टनर रवि उप्पल का यह खेल अकेले आगे नहीं बढ़ा, कई और लोग हैं, जिन्होंने उन्हें परदे के पीछे से मदद दी, इनमें सबसे बड़ा नाम है विकास छापरिया का।

कोलकाता का छोटा शेयर ब्रोकर अब वानुआतु द्वीप का नागरिक

विकास छापरिया कभी कोलकाता का एक छोटा शेयर ब्रोकर था, लेकिन अब वह दक्षिण प्रशांत महासागर के वानुआतु द्वीप समूह नाम के देश की नागरिकता ले चुका है। पता चला है कि विकास सौरभ और उप्पल की काली कमाई को शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने का काम करता है।साथ ही UAE में सौरभ चंद्राकर की आलीशान वेडिंग पार्टी के लिए हवाला के जरिए कैश भुगतान की जिम्मेदारी भी उसी की थी। ईडी ने हाल ही में विकास की 236 करोड़ की शेयर होल्डिंग फ्रीज की है।

पुलिस और सरकार से सुरक्षा दिलाने का जिम्मा निभा रहा था एएसआई

ईडी के मुताबिक इस मामले में गिरफ्तार छत्तीसगढ़ पुलिस के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर चंद्रभूषण वर्मा पर महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप को पुलिस और सरकार से सुरक्षा दिलाने की जिम्मेदारी थी। एएसआई वर्मा पुलिस, सरकारी अधिकारियों और सौरभ चंद्राकर के बीच अहम कड़ी था। वर्मा पर संम्बंधित अफसरों और नेताओं तक रिश्वत पहुंचाने का भी जिम्मा था, ईडी का दावा है कि एएसआई वर्मा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा का करीबी है।

हवाला कारोबारी दो सगे भाई गिरफ्तार

इस मामले से जुड़े छत्तीसगढ़ के रायपुर के निवासी अनिल दमानी और सुनील दमानी सगे भाई हैं और दोनों हवाला कारोबारी हैं।यह महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से की गई काली कमाई को दुबई से भारत में हवाला चैनल के जरिए रूट करने का काम करते हैं।दोनों को ईडी पीएमएलए के तहत गिरफ्तार कर चुकी है।रायपुर में रहने वाले सतीश चंद्राकर पर ऐप का डेली ऑपरेशन देखने का जिम्मा था।सतीश ने अपने खुद के पांच पैनल भी ले रखे थे। इसके साथ ही उसके पास छत्तीसगढ़ के एएसआई चंद्रभूषण वर्मा के निर्देश पर सरकारी अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों तक घूस की रकम पहुंचाने की जिम्मेदारी थी।

भोपाल के विशाल और धीरज आहूजा करते थे ट्रैवल अरेंजमेंट

मध्यप्रदेश के भोपाल के रहने वाले दो भाईयों विशाल और धीरज आहूजा का प्रमुख काम महादेव ऐप के प्रमोटरों के परिवार और कारोबार से जुड़े लोगों के ट्रेवलिंग टिकट ऑपरेशन देखना था।सौरभ चंद्राकर के फेयर प्ले और रेड्डी अन्ना जैसी बेटिंग वेबसाइट को प्रमोट करने वाले सेलिब्रिटीज, यूएई में आयोजित पार्टी में शामिल होने वालों का ट्रैवल अरेंजमेंट करना भी उनके जिम्मे था। दोनों फेयरप्ले और रेड्डी अन्ना के 9 पैनल भी चलाते हैं इसके लिए जरूरी कई फर्जी बैंक अकाउंट खोल रखे हैं। इन दोनों के दुबई में छिपे होने का शक है।
मध्यप्रदेश में भोपाल का ही रहने वाला पवन नाथानी आहूजा भाईयों का खास एसोसिएट है और ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के लिए फर्जी बैंक अकाउंट खुलवाने का काम करता था।

दुबई में भिलाई के लड़के कर रहे थे ऐप का संचालन

ईडी के मुताबिक महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के साथ ही दोनों मुख्य आरोपी बेटिंग के 60 के करीब ऐप लॉन्च कर चुके हैं। उनका पूरा कारोबार दुबई से संचालित होता है। दुबई में बड़ी संख्या में भिलाई के लड़कों को ले जाकर उन्हें ऐप संचालन का जिम्मा दिया गया था।

क्या है महादेव बेटिंग ऐप?

महादेव बेटिंग ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया ऐप है। इस पर यूजर्स पोकर, कार्ड गेम्स, चांस गेम्स नाम से लाइव गेम खेलते थे।ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों और चुनावों में अवैध सट्टेबाजी भी की जाती थी। अवैध सट्टे के नटवर्क के जरिए इस ऐप का जाल तेजी से फैला और सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले। इस ऐप से धोखाधड़ी के लिए एक पूरा खाका बनाया गया था।दरअसल, महादेव बेटिंग ऐप कई ब्रांच से चलता था. हर ब्रांच को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फ्रेंचाइजी के रूप में बेचते थे। यूजर को सिर्फ शुरुआत में फायदा और बाद में नुकसान होता. फायदे का 80% हिस्सा दोनों अपने पास रखते थे। सट्टेबाजी ऐप रैकेट एक ऐसी मशीन की तरह काम करता है, जिसमें एल्गोरिदम यह तय करता है कि ऐप में अपना पैसा लगाने वाले केवल 30% ग्राहक ही जीतें।

छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ महादेव बेटिंग एप

छत्तीसगढ़ वह राज्य है, जहां से महादेव बुक ऐप की शुरुआत हुई थी।इसका नेटवर्क अभी भी बहुत सक्रिय है। महादेव बेटिंग ऐप के एक्टिव सदस्य शोभित गुप्ता ने कहा कि बेटिंग ऐप की पूरे भारत में 100 से ज्यादा ब्रांच हैं।उसने कहा कि ये बहुत बड़ा प्लेटफॉर्म है, इसमें एक से लेकर 500 तक ब्रांच हैं, इन 500 ब्रांचों को 500 लोग चलते हैं, इन 500 लोगों के नीचे भी कई लोग काम करते हैं। हर ब्रांच का ‘लॉगिन आईडी’ एक ही व्यक्ति को दिया जाता है. ऐप लॉगिन और पासवर्ड फ्रेंचाइजी को सौंप दिए जाते हैं, उन्हें बस कुछ लैपटॉप और मोबाइल फोन की जरूरत होती है।इस तरह ये ऐप काम करता है।

स्टिंग ऑपरेशन में बेटिंग एप से जुड़े एजेंट शोभित ने किए ये खुलासे

मीडिया- क्या एक ब्रांच में सिर्फ एक लॉगिन आईडी और पासवर्ड की जरूरत होती है,

शोभित- हां, एक ब्रांच के लिए चार अंकों का व्हाट्सएप पासवर्ड जरूरी होता है।

मीडिया- ये 7 व्यक्ति कहां काम करते हैं?”

शोभित – वे किसी भी स्थान से काम कर सकते हैं

मीडिया- क्या वे घर से काम कर सकते हैं?

शोभित गुप्ता – वे घर से काम नहीं कर सकते. घर पर वाई-फाई लगाने से पुलिस का ध्यान आकर्षित होगा।यही कारण है कि हम उन स्थानों को चुनते हैं जहां हम कम परिचित होते हैं, आमतौर पर नए क्षेत्रों में काम करते हैं।जांच से बचने के लिए बैंक खातों का एक नेटवर्क है।ऐप के सदस्य छोटे किसानों या मजदूरों के खातों को हैक कर लेते हैं।उन्हें सट्टेबाजी लेनदेन के लिए उपयोग करते हैं और बाद में बंद कर देते हैं।

मीडिया- क्या आपने किसी का अकाउंट लिया ?

शोभित- हां, हम किसी से भी अकाउंट ले लेते हैं।इसके एवज में हम उन्हें 5-10 हजार रुपये देते हैं और बदले में वे हमें अकाउंट दे देते हैं।तीन महीने तक इसका इस्तेमाल करने के बाद हम अकाउंट बदल देते हैं।

मीडिया- इन मोबाइल नंबरों का क्या करते हैं?

शोभित- ये सभी फर्जी नंबर होते हैं।

मीडिया- जो अकाउंट खोले जाते हैं, उनके लिए अपना नंबर देते हैं, कस्टमर का नंबर नहीं होता?

शोभित– हमने कस्टमर्स पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. अकाउंट खोलने के लिए हमें सिर्फ उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड की जरूरत थी।

मीडिया- तो फिर बैंक अकाउंट कैसे खोल देता हैं?

शोभित- अगर बैंक में कनेक्शन है, तो पूरे आसानी से अकाउंट खुल जाता है।

शोभित – यह कैसीनो के आकर्षण की तरह है. ये ऐसा खेल हैं, जहां आप 100 रुपये से 1200 रुपये जीत सकते हैं। उदाहरण के लिए आप अनुमान लगाते हैं कि नंबर 2 आएगा, तो आप 1200 रुपये जीत सकते हैं. हालांकि, नंबर 2 A से K के बीच सिर्फ एक है, जिससे जीतने की संभावना नहीं है,अगर आप एक घंटे तक लगातार खेलते हैं, तो आप हार जाएंगे और जीरो पर आ जाएंगे,कैसिनो को इसी तरह डिज़ाइन किया गया है।

मीडिया- सेटिंग्स ऐसी हैं कि नंबर 2 नहीं आएगा?”

शोभित- हां, इसका रेशो 70-30 है, जिसमें हाउस को 70% का फायदा है और खिलाड़ी को 30% का फायदा है।

मीडिया- 70-30 अनुपात का क्या मतलब है?”

शोभित गुप्ता- इसका मतलब ये है कि चाहे आप कुछ भी करें, प्रोग्राम किए गए रिजल्ट नहीं बदलेंगे।

हिमांशु तिवारी का बेटिंग ऐप में क्या है रोल?

महादेव बुक ऐप चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हिमांशु तिवारी ने खुलासा किया कि अधिकांश ग्राहक अपना पैसा हार जाते हैं।

मीडिया- आप कितने फीसदी लोगों को जीतने देते हैं और कितने प्रतिशत लोगों को हराते हैं?

हिमांशु तिवारी- 100 में से 10 या 5 लोग ही जीतते हैं. यह किस्मत की बात है. वे शुरू में जीत सकते हैं और फिर हारते ही हैं.

मीडिया- क्या वे शुरू में जीतते हैं?

हिमांशु तिवारी- हां.

मीडिया- उसके बाद क्या होता है? क्या इसमें कोई हेरफेर शामिल है?

हिमांशु तिवारी- यह ऊपरी स्तर से तय होता है,इसके बाद हिमांशु ने खुलासा किया कि कैसे पुलिस की छापेमारी भी सट्टेबाजी ऐप के संचालन को रोकने में विफल रही है,उसने बताया कि पुलिस की छापेमारी हुई है, लेकिन हमारा ऐप आज भी चल रहा है।

ईडी ने क्या दावा किया?

केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2 नवंबर को रायपुर में महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े एक कैश कूरियर से 5.39 करोड़ कैश जब्त किया था, ईडी का दावा है कि यह पैसा कांग्रेस के चुनाव अभियान के लिए था और विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लिए था।जांच एजेंसी का आरोप है कि बघेल को ऐप प्रमोटर्स से अब तक 500 करोड़ से ज्यादा मिल चुके हैं, हालांकि उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था पूर्व सीएम बघेल ने कहा था कि मुझे बदनाम करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री पर कीचड़ उछलने के बाद रायपुर पुलिस की सफाई, बताया था महादेव सट्टा एप को प्ले स्टोर से हटवाया, अब तक कीं 36 FIR

महादेव सट्‌टा एप को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर कीचड़ उछलने के बाद रायपुर पुलिस सफाई दे रही थी। दुबई से संचालित होने वाले महादेव सट्टा एप को लेकर जब छत्तीसगढ़ में लगातार ED की कार्यवाही जारी थी और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री तक आरोपों के घेरे में आ चुके थे। ऐसे में पुलिस ने अहम जानकारी साझा की थी। एक सटोरिए ने रायपुर के एसपी का भी नाम लिया था। इसके बाद पुलिस ने जानकारी दी थी कि उसने महादेव सट्टा एप को लेकर अब तक क्या कार्रवाई की।रायपुर पुलिस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया था कि महादेव बेटिंग एप पर कार्यवाही करते हुए वर्ष 2022 में Google को correspondence किया गया था कि playstore से Mahadev Book App को हटाया जाये, जिसके पश्चात् playstore से यह App हट गया था।दुबई से ऑपरेट कर रहे महादेव ऐप्प के मुख्य दोनों संचालकों, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को रायपुर पुलिस ने अपने यहाँ दर्ज प्रकरण में आरोपी बनाया और जून महीने में ही इन दोनों आरोपियों के विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर भी रायपुर पुलिस द्वारा जारी करवाया गया है।
महादेव एप के विरुद्ध रायपुर पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की गई है। महादेव एप के विरुद्ध रायपुर पुलिस ने 36 FIR की हैं। रायपुर पुलिस ने छत्तीसगढ़ के अलावा कटनी, अनूपपुर, विशाखापटनम, उड़ीसा, दिल्ली, गोवा, महाराष्ट्र इत्यादि प्रदेशों/शहरों में भी रेड कार्यवाही करते हुए वहाँ के पैनल ऑपरेटर्स को भी पकड़ा है। 235 आरोपियों को अरेस्ट किया गया है। सैकड़ों मोबाइल लैपटॉप जप्त किए हैं, 500 से अधिक एकाउंट्स फ्रीज़ कराये हैं।बता दें कि बीते दिनों ईडी ने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को महादेव अप के संचालकों ने 508 करोड रुपए अब तक दिए हैं। इसके बाद रायपुर पुलिस को महादेव एप के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी देनी पड़ रही थी।

अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक
Author: अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक

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