ApnaCg @सीजी पीएससी घोटाला: लोक सेवा आयोग में बड़ी कार्यवाही की तैयारी में “विष्‍णु” सरकार…

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रिपोर्ट:मनोज सिंह ठाकुर

रायपुर@अपना छत्तीसगढ़। राज्‍य सेवा के पदों पर भर्ती में गड़बड़ी को लेकर कुख्‍यात हो चुकी सीजी पीएससी में राज्‍य की विष्‍णुदेव साय सरकार बड़ी कार्यवाही करने जा रही है। सरकार पीएससी में बड़े पद पर बैठे एक व्‍यक्ति को हटाने की तैयारी में है। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आज या कल में आदेश जारी हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार विष्‍णुदेव साय सरकार पीएससी के प्रभारी अध्‍यक्ष डॉ. प्रवीण वर्मा को हटाने जा रही है। चर्चा है कि डॉ. वर्मा को अध्‍यक्ष के पद से हटाने की फाइल चल गई है। आज या कल में आदेश जारी होने की संभावना जताई जा रही है। उल्‍लेखनीय है कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर आरोपों में घिरे पूर्व अध्‍यक्ष टामन सिंह सोनवानी का 8 सितंबर 2023 को कार्यकाल समाप्‍त होने के बाद पीएससी के सदस्‍य डॉ. वर्मा को प्रभारी अध्‍यक्ष बनाया गया था। डॉ. वर्मा की 16 जुलाई 2021 को पीएससी सदस्‍य के रुप में नियुक्ति हुई थी। पीएससी में डॉ. वर्मा के अतिरिक्‍त 2 और सदस्‍य हैं। इनमें संत कुमार नेताम की नियुक्ति 5 अक्‍टूबर 2023 को हुई है, जबकि डॉ. सरिता उइके को 24 जुलाई 2021 को सदस्‍य नियुक्‍त किया गया था। ये तीनों ही नियुक्तियां पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय की है।

बताते चले कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान सीजी पीएससी के माध्‍य से हुई लगभग सभी भर्तियां विवादों में है। राज्‍य सरकार की तरफ से सीबीआई को इसकी जांच सौंपी गई है। इधर, प्रदेश के युवाओं की तरफ से पीएससी में बड़े बदलाव की लगातार मांग की जा रही है। इसे देखते हुए सरकार ने पहले पीएससी के सचिव जुगल किशोर ध्रुव (आईएएस) को विदा किया गया है। परीक्षा नियंत्रक रहीं आरती वासनिक को भी वहां से हटा दिया गया है।

छत्तीसगढ़ PSC मामले में इन-इन अधिकारियों पर केस दर्ज, मुख्यमंत्री बोले- बख्शे नहीं जाएंगे गुनाहगार

छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाले मामले में केस दर्ज हो गया है। पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के दौरान पीएससी की परीक्षा में धांधली का आरोप लगा था। उस दौरान यह एक बड़ा मुद्दा बना था। बीजेपी की सरकार आई है। वादे के अनुसार विष्णु सरकार में आरोपियों पर एफआईआर दर्ज हो गई है।छत्तीसगढ़ के सीजीपीएससी घोटाला मामले में ACB/EOW ने एफआईआर दर्ज की है। इस मामले के दर्ज होने के बाद अब यह कहा जा रहा है कि प्रदेश में जल्द CBI भी इसी के केस की जांच के लिए पहुंच सकती है। ACB/EOW में दर्ज केस से पूर्व IAS और तत्कालीन PSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी सहित अन्य आरोपियों के नाम दर्ज हैं। जिसके बाद अफसर और नेताओं की मुश्किलें आने वाले समय में बढ़ सकती हैं। FIR के बाद देर रात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी X पर पोस्ट कर प्रभावित अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया है कि गुनाहगार किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे।शिकायती पत्र के आधार पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक एवं शासन और आयोग में तत्समय पदस्थ संलिप्त लोकसेवकगण और संबंधित राजनेतागण एवं अन्य के द्वारा अपने-अपने पद का दुरुपयोग करते हुए, राजनैतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए, छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग की चयन प्रक्रिया वर्ष 2020 एवं 2021 और असिस्टेंट प्रोफेसर चयन परीक्षा में नियम विरूद्ध नियुक्ति हुई है।लोगों ने आपराधिक षड़यंत्र करते हुए अपने पुत्र, पुत्री-रिश्तेदारों को कई पात्र योग्य अभ्यार्थियों के बदले इनका चयन शासकीय पदों पर करते हुए शासन एवं उन योग्य अभ्यार्थियों के साथ भ्रष्ट आचरण करते हुए छल कारित किया गया है, जो कि धारा 120 बी, 420, भादवि एवं धारा 7, 7 (क), एवं 12 भ्र.नि.अ. 1998 यथा संशो. 2018 के तहत अपराध कारित किया जाना पाया गया है, अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

PSC के पूर्व अध्यक्ष सहित अन्य पर FIR

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान पीएससी मुद्दा खूब चर्चा में रहा है। चुनाव के दौरान ही भाजपा ने वादा किया था कि अगर प्रदेश में उनकी सरकार बनी, तो जांच कराएंगे। बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने कहा था कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से कराई जाएगी। सरकार बनने के बाद राज्य सरकार ने CBI को इसकी जांच सौंपने का फैसला कैबिनेट की बैठक में ले लिया गया है।

क्या है मुख्यमंत्री का एक्स पोस्ट

विष्णुदेव साय ने X पर पोस्ट कर लिखा है कि गुनाहगार किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। साय ने लिखा है कि सीजीपीएससी महाघोटाले के आरोपी पूर्व अधिकारियों और नेताओं पर EOW ने एफआईआर दर्ज कर ली है, इस महा घोटाले में अपने भविष्य की बलि देने वाले मेरे सभी बच्चों को आश्वस्त करता हूं कि आपके साथ हुए अन्याय का हिसाब होगा। गुनहगार बचेंगे नहीं, हम आपकी प्रतिभा का सौदा करने वालों को उनके अंजाम तक पहुंचा कर रहेंगे।

इतने पदों पर निकली थी भर्ती

छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा वर्ष 2021 जो 170 पदों के लिए ली गई थी और जिसके परिणाम 11 मई 2021 को जारी किए जाने के पश्चात् राज्य लोकसेवा आयोग पर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए ननकीराम कंवर औऱ अन्य के माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हुई थी।

CGPSC घोटाला क्या है? चेयरमैन समेत कई ताकतवर लोगों की औलादों को डिप्टी कलेक्टर बनाने का आरोप
CGPSC परीक्षा का नोटिफिकेशन साल 2021 में जारी किया था।भर्ती के लिए कुल पद थे 171,परीक्षा का प्री एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया था।कोर्ट ने राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पब्लिक सर्विस कमीशन को याचिकाकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करने को कहा है।
छत्तीसगढ़ पब्लिक सर्विस कमीशन जिसका काम राज्य में विभिन्न विभागों में भर्तियां कराने का होता है।इसी में से एक भर्ती राज्य सरकार के प्रशासनिक पदों पर बैठने वालों के लिए आयोजित कराई जाती है।इसके तहत DSP, डिस्ट्रिक्ट एक्साइज ऑफिसर, ट्रांसपोर्ट सब-इंस्पेक्टर, एक्साइज सब-इंस्पेक्टर जैसे पदों के लिए भर्ती होती है। CGPSC की ऐसी ही एक भर्ती में घोटाले का आरोप लग रहा है. परीक्षा में धांधली के आरोप लगाए गए हैं।18 अभ्यर्थियों के सिलेक्शन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक CGPSC के चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, राजभवन सेक्रेटरी अमृत खलको समेत कई अधिकारियों के बेटे-बेटियों और करीबी रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर और DSP जैसे पदों पर नियुक्ति देने के आरोप लगे हैं।मामले को लेकर पूर्व बीजेपी नेता ननकी राम कंवर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित हुई थी

CGPSC परीक्षा का नोटिफिकेशन साल 2021 में जारी किया था।भर्ती के लिए कुल पद थे 171. परीक्षा का प्री एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया,जिसमें कुल 2 हजार 565 पास हुए थे।इसके बाद आई मेंस एग्जाम की बारी, 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को मेंस परीक्षा कराई गई, जिसमें कुल 509 अभ्यर्थी पास हुए,इनको इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। जिसके बाद 11 मई 2023 को परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी हुआ,170 अभ्यर्थियों का इसमें फाइनल सिलेक्शन हुआ।

अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक
Author: अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक

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