ApnaCg@दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को तुरंत नियमित किया जाए और उनकी रुका वेतन दिया जाए – कोमल हुपेंडी, प्रदेश अध्यक्ष, आप।

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4 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी मृत इसलिए आंदोलनकारियों में आक्रोश, 5 लाख मुआवजा व समान पद पर अनुकंपा नियुक्ति की मांग है- विजय झा, आप।

रायपुर@अपना छत्तीसगढ़ – आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने आज कहा कि छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन विभागीय कर्मचारियों द्वारा जारी 20 अगस्त से अनिश्चितकालीन आंदोलन के 35 वें दिन आंदोलनकारियों के 4 दैनिक वेतन भोगी कर्मियों की मृत्यु हो गई है लेकिन भूपेश सरकार टस से मस नहीं हो रही है। इससे आंदोलनकारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है तथा मृतक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के आश्रितों को 1करोड़ मुआवजा एवं समान पद पर अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने की मांग भी की है।

आम आदमी पार्टी के नेता और दैनिक वेतन भोगी वन विभागीय कर्मचारी और तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के संरक्षक विजय कुमार झा ने मांग की है कि आंदोलन के दौरान कल संचानालय खाद्य में पदस्थ वाहन चालक योगेश वानखेड़े द्वारा 4 माह से वेतन न मिलने व सेवा समाप्ति के कारण आत्महत्या का अप्रिय निर्णय लेना पड़ा। इसी प्रकार जंगल सफारी व पंडरी वन विभाग के एक-एक कर्मचारी सेवा समाप्ति के भय से भयाक्रांत होकर हृदय गति रुक जाने से परलोक धाम सिधार गए। आज ही मुंगेली जिले के एक वाहन चालक की मृत्यु हुई है, जिसे हड़ताल से वापस जाने के बाद सेवा में न रखने की धमकी देकर भगा दिया गया था, उसकी मृत्यु हुई है। जिसकी पत्नी 6 माह के गर्भावस्था में है। ऐसे दुखद निधन अप्रिय स्थिति कोआंदोलनकारियों ने सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करने की मांग की है। आंदोलन कर रहे सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों बूढ़ातालाब धरना स्थल पर इक्कठा होकर आगे की रणनीति तय करेंगे।

कोमल हुपेंडी ने बताया कि दैनिक वेतन भोगियों को धमकाने, नौकरी से निकालने व नियमितीकरण के लिए पैसा मांगने का लगातार आरोप लग रहे है।इसपर भी सरकार सोई है। स्वच्छ भारत मिशन में महिला को नियमित करने लाखो रूपये मांगने का ऑडियो भी जारी हुआ है।दूसरी तरफ सरकार कर्मचारियों को कुचलना चाह रही है।

कोमल हुपेंडी ने आगे कहा कि कर्मचारी से दुव्यवहार व नियमितीकरण पर लगातार अपशब्द कह कर्मचारियों को धमकाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ वन विभागीय दैनिक वेतन भोगी हड़ताली वन विभागीय विरोध करने वाले अनियमित कर्मचारियों के आंदोलन को कर्मचारियों की चट्टानी एकता के सामने नियमितीकरण करना तो दूर छटनी करने जैसे सरकार का कुचक्र अब विफल हो रहा है लेकिन सरकार उनको वन विभाग में नई भर्ती करने की धमकी दे रही है यह बहुत ही अनैतिक, दुखद और कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

आम आदमी पार्टी का कहना है कि आम जन कोई शिकायत भी करते है तो वो शिकायत दबा दी जाती है क्योंकि भ्रष्टाचार में लिप्त बघेल सरकार और भ्रष्ट अधिकारी दोनो ही साठ गाठ से चल रहे है और प्रदेश की जनता भुगत रही है।
आम आदमी पार्टी अब ये सब चलने देने वाली नही है और भूपेश सरकार के दौर की लचर व्यवस्था के विरुद्ध आवाज बुलंद करेगी और आने वाले २०२३ के चुनाव में जनता के साथ मिलकर इन जुमले और झूठे वादे करने वाले नुमाइंदों को शासन से उखाड़ बाहर करेगी।

अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक
Author: अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक

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