ApnaCg@डी- लिस्टीग अधिनियम संसद मे पास होगा – रामचंद्र खराडी

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जितेंद्र पाठक@लोरमी(अपना छत्तीसगढ़) – जनजाति सुरक्षा मंच मुंगेली के द्वारा मानस मंच ग्राऊंड मे विशाल जनसभा का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों की तादात मे जनजाति समुदाय के लोग एकत्रित हुए , जनजाति सुरक्षा मंच के प्रदेश संयोजक भोज राज नाग ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि फर्जी आदिवासियों को आरक्षण की लाभ नहीं लेने देंगे, क्योंकि जनजितीयो को सुविधाएं एवं अधिकार अपनी संस्कृति, आस्था, परंपरा की सुरक्षा करते हुए विकास करने हेतु सशक्त बनाने के लिए गये हैं लेकिन दुर्भाग्य की बात हैं कि धर्मातंरित लोग 80 प्रतिशत लाभ मुल जनजाति समुदाय से छीन रहे हैं ।जनजाति नेता कार्तिक उराव ने 17 जुन 1967 को 235 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ तत्कालीन प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौपा था जिसमें उल्लेख था कि जो व्यक्ति धर्मातंरित हो चुके हैं उन्हें जनजाति नहीं माना जाए सरकार द्वारा गठित सयुंक्त संसदीय समिति ने भी यही सिफारिश की थी। वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र खराड़ी और आज इस भीषण गर्मी मे जो लोग एकत्रित हुए हैं वो स्वस्फुर्त आये है। हम चाहते तो इनको गाड़ियों से भी ला सकते लेकिन गाड़ियों में जो बैठ कर नेताओं की सभाओं में जाते है, वो जिंदा लाशें है,वो आदिवासियों के हकों के लिए कभी बोल नही सकते, उनके सीने में वो जज्बा नही है कि गरीबो की रोटी एवं निवाला छीनने वोलों के विरूद्ध वो बोल नही सकते है। न संसद में बोल सकते है, न विधानसभा में बोल सकते है। एक समय आएगा वो ही बन्दे, वो ही समाजसेवक विधानसभा – लोकसभा में जाएंगे, जो इनके हक के लिए बोलेंगे ।70 वर्ष तक हम जाति प्रमाण पत्र नही ले सके और भारत सरकार व राज्य सरकार के राजस्व आय का सबसे बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की सरकार व भारत सरकार ले रही है और अगर 75 वर्ष हमने इंतजार किया हमे जाती प्रमाण पत्र नही मिले तो अगले कुछ वर्षों के अंदर जंगल,जमीन के जो प्रोजेक्ट है, खनिज पर जो प्रोजेक्ट है उनके नाम पर इन किसानों की जमीनें चली जायेगी। लोग टाइगर रिजर्व अधिनियम के तहत आदिवासियों को बाहर कर रहे है मैं दावे के साथ कहता हूं इस टाइगर अधिनियम के अंदर जो भूमि अलॉट हुई है वो भूमि हज़ारों साल से जो आदिवासी रह रहे थे उनको अनदेखा करके उस जमीन का राजस्व रिकार्ड में दर्ज किया गया है। हजारों वर्षों तक आदिवासी जिस जमीन पर रह रहा था, सरकार ने एक आदेश निकाल दिया कि यह जमीन टाइगर रिजर्व के लिए है, कोई बात नहीं यह अच्छा काम सरकार कर सकती है, लेकिन हजारों वर्षों से जो रह रहे थे उनको अपराधी घोषित करके, हम को कितनी बार अपराधी घोषित किया जाएगा। आज हमारे भाई उन मिशनरीयो के साथ काम कर रहे हैं, उनको शर्म नही आती है। अधिकारियों के जुल्मों से इतना परेशान हुए की उनको यह पता नहीं रह गया कि हम इंसान हैं या जानवर है। कुछ लोग सत्ता में बैठे हैं इसलिए साहब हमारे पार्टी के नेता नाराज हो जाएंगे, चाहे कांग्रेस हो चाहे बीजेपी हो अब जुल्मों के खिलाफ खड़ा होना आदिवासी का समय आ गया है और आदिवासी जाग भी गया है। केवल अपराधी घोषित करने से सरकार अपने काले कारनामों पर पर्दा नहीं डाल सकती है ।मैं आप सब को इस अवसर पर डी-लिस्टिंग का अधिनियम पास होगा और पास होकर रहेगा, चाहे तुम विदेशों की ताकत लाकर रख दो चाहे टेरेरिस्ट से दबाव डलवा लो मेरी खुली चुनौती है कि भारतीय संसद इस बील को पास कर कर रहेगी।

हमारे कुपोषित भाई बहन यहां बैठे हैं इनके शरीरों को देखकर मेरा खून उबल पड़ता है लेकिन हम संविधान से शासित है हम समाज को हिंसा में नहीं ले जाएंगे लेकिन समय रहते अगर आदिवासियों के प्रमाण पत्र में संशोधन नहीं किया राज्य सरकार ने क्योंकि भारत सरकार का आदेश है की राज्य सरकार एक नोटिफिकेशन जारी करके एक ओरांव को तीन ओरांव के नाम से जानते है, एक गोंड को तीन नाम से जानते हैं कोई राज्य सरकार का काम है, तो यह आंदोलन और भी तेजी से बढ़ेगा और गुरु गोविंद सिंह ने कहा था हिंदुस्तानियों याद रखना माला भी चलाना है और देश के अस्तित्व पर खतरा आया तो दूसरे हाथ में भाला चलाना सीखना होगा। राजतंत्र से लोकतंत्र आया, लोकतंत्र को धनतंत्र ने दबोच लिया ।आज जिसके पास पैसा है वह यह नहीं देखता है कि मेरा हश्र क्या होगा उनको वो दिन याद दिलाता हूं, जिस दिन श्मशान घाट में जाओगे यह गोंड का है , ओराव का है कि यह जैन का है की यह राजपूत का है, तुम्हारी राख एक हो जाएगी उस दिन को याद करके सांस लो और सत्ता में बैठना और इस देश के संविधान ने जो कहा है कि हमारा गरीब हिंदू समाज सभ्य समाज के बराबर आएंगे और संरक्षण का मौका दिया है। उस कानून को आमजन तक पहुंचाएं और समाज के युवाओं से और भी निवेदन करता हूं ऐसे कई षड्यंत्र हैं जो हमारे समाज को टुकड़ों में बांटने की कोशिश कर रहे हैं जितने भी संगठन है आपस में बैठकर अपने सामाजिक हितों का चिंतन करें केवल इसलिए नहीं कि कल्याण आश्रम वाले ऐसे हैं कि फलाना गोंडवाना वाला ऐसा है कोई बुरा नहीं है सब पास में बैठोगे तो तुम्हारा पिता एक ही निकलेगा, तुम्हारा पूर्वज एक ही निकलेगा जिसकी तुम संताने हो वह हिंदुस्तान की भूमि है हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक हिंदू ही रहता था, इसके अलावा दो धर्म ही विदेशी इस धरती के नही।इस्माल विदेश का है, इंसाई विदेश के है, वो उनकी राष्ट्रीयता के प्रति काम करते हैं और तुमको बलि का बकरा बनाते है। मैं आज आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं आयोजकों ने भी बहुत मेहनत की है उन सब के प्रति भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं। समाज को संविधान के तरीके से आंदोलन जारी रखना है सड़क से संसद तक और सरपंच से सांसद तक सबकी खोपड़ियां हिला कर रखनी है, नहीं तो उनको भाव आने शुरू हो जाएंगे आने वाले दिन में क्या होंगे यह नेता जी अगर समाज की संवैधानिक मांगों को सही प्लेटफार्म पर नहीं उठाती है तो इनको भी अपने कर्तव्य का एहसास हो जाएगा।

इन्हीं के साथ में मैं आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं और बहुत जल्दी प्रतीक्षा करें मानसुन सत्र के अंदर हमारे सिर्फ साल के आरक्षण के पद गए हैं उनको बहिसाब ब्याज सहित वसूल कर कर रहेंगे। इस आश्वासन के साथ क्योकि बहुत से सांसदों ने हमें समर्थन अभी से दे चुके हैं और कई ऐसे हैं जो हिंदू सनातन संस्कृति के विरुद्ध हैं उन्होंने भी कहा इनके हक तो वास्तव में मारे जा रहे हैं वह भी समर्थन कर रहे हैं।जनसभा के उपरांत हजारों की संख्या मे विशाल रैली का आयोजन किया गया इस दौरान भी जनजाति समुदाय से धर्मातंरित लोगो डी-लिस्टीग करने के नारे लगे । इस दौरान जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक जगसिंह, सुश्री दिव्या सिंह, सोना खान के राजकुमारी, विद्या सिदार, प्रांत कार्यकारी सदस्य, वनवासी कल्याण समिति, जगसिंह, जिला संयोजक जनजाति सुरक्षा मंच लोरमी,रामकलम नेताम, डोमर सिंह बैगा, अमर सिंह धुर्वे, लल्ला प्रधान, संतराम मरकाम, केशर धुर्वे, विश्राम सोरी, जितेंद्र धुर्वे, चांदनी धुर्वे, विमला धुर्वे, विभिन्न जाति के लोगों ने समर्थन दिया।

अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक
Author: अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक

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