ApnaCg@आदेश के बावजूद बालिका-छात्रावास के बाहर बेजा-कब्जा आखिकार क्यों नही हटाया जा रहा है..तहसीलदार-कोटा का संरक्षण-?? या फिर हॉस्टल-अधीक्षक का-??

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करगीरोड-कोटा@अपना छत्तीसगढ़ न्यूज – एसडीएम-कार्यालय व तहसील कार्यालय से लगे वार्ड नं-03 में स्थित बालिका-छात्रावास के बाहर मकान बनाकर बेजा-कब्जा करने वाली छात्रावास की महिला-कर्मचारी पर आखिरकार-कार्यवाही क्यो नही की जा रही है-? जबकि पूरा मामला तहसील-कार्यालय में वर्तमान तहसीलदार-कोटा के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है-? पूरे मामले से अवगत होने के बाद कोटा तहसीलदार के द्वारा बकायदा कब्जाधारी पर 10/हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया जा चुका है-? बावजूद उसके कब्जाधारी महिला कर्मचारी आज की तारीख में भी कब्जा जमाए बैठी हुई है-? बेजा-कब्जा आखिर क्यों नही हटाया जा रहा है-? क्या इस पूरे मामले में कोटा तहसीलदार या हास्टल-अधीक्षक की कोई विशेष भूमिका है-? या फिर तहसीलदार कोटा सहित हॉस्टल-अधीक्षक का छात्रावास की कब्जेधारी महिला कर्मचारी को संरक्षण प्राप्त है..जिसके वजह से छात्रावास की महिला कर्मचारी के हौसले बुलंद हैं। पूरा-मामला कोटा-तहसील-कार्यालय से लगे शासकीय-बालिका-छात्रावास का है छात्रावास की दीवार से लगे छात्रावास के मेन-गेट के बगल से ही छात्रावास की ही कर्मचारी श्रीमती रुक्मिना खंडे पति हीराराम निवासी बेलगहना द्वारा अवैध-निर्माण कराया गया है..जिसकी लिखित-शिकायत कोटा-तहसीलदार के समक्ष की गई थी…जिस पर वर्तमान तहसीलदार कोटा प्रांजल मिश्रा द्वारा संबंधित-अधिकारी को जांच के आदेश दिए गए थे जांच उपरांत-राजस्व निरीक्षक-पटवारी द्वारा पाया गया कि श्रीमती रुक्मिना-खंडे द्वारा शासकीय-छात्रावास के सामने की शासकीय-भूमि पर किया गया निर्माण-पूरी तरह से अवैध हैं..जिसके बाद तहसीलदार-कोटा के द्वारा बेजा-कब्जाधारी पर 10/ हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया..साथ ही कब्जाधारी द्वारा अवैध-निर्माण को तोड़ने के आदेश भी दिया गया..मामले में आदेश होने के काफी-समय बाद भी बेजा-कब्जा नही हटाया जाना तहसीलदार-कोटा की भूमिका पर सवाल उठाता है-?आखिर तहसीलदार के आदेश के बाद भी बेजा-कब्जा क्यो नही हटाया जा रहा है-?या फिर इस पूरे मामले में कब्जाधारी को तहसीलदार-कोटा या फिर छात्रावास-अधीक्षक का संरक्षण प्राप्त है..तहसीलदार सहित छात्रावास-अधीक्षक की भूमिका की जांच का विषय है।
पूरे मामले को लेकर पत्रकारों ने नवपदस्थ एसडीएम-कोटा सूरज कुमार साहू से बात की पूरे मामले से अवगत कराया..जिस पर एसडीएम कोटा ने पूरे मामले की जानकारी कोटा- तहसीलदार से लेने की बात कही।

अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक
Author: अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक

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