ApnaCg @बैगाओ की समस्याओं को लेकर मुंगेली कलेक्टर से मिले जिला कांग्रेस अध्यक्ष सागर सिंह बैस, जल्द विस्थापन की मांग किये

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तिलईडबरा के बैगा आदिवासी कर रहे है विस्थापन, रोजगार की मांग,

जितेंद्र पाठक@लोरमी(अपना छत्तीसगढ़) – लोरमी क्षेत्र के अचानकमार टाइगर रिजर्व में बसे तिलईडबरा बैगा आदिवासी विस्थापन व रोजगार को लेकर गुहार लगा रही है वहीं एटीआर में घुम रहे हाथियों के दल से ग्रामीणों में काफी दहशत का माहौल है बैगाओ कि समस्या की जानकारी मिलते ही मुंगेली कांग्रेस जिलाध्यक्ष सागर सिंह बैस बैगाओ की समस्या से रूबरू होकर मुंगेली कलेक्टर के पास बैगाओ के साथ पहुँचकर समस्याओं से अवगत कराए।

विस्थापन की बाट जोह रहे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र हम बात कर रहे हैं लोरमी के अचानकमार टाइगर रिजर्व के कोर जोन में रहने वाले बैगा आदिवासियों की जो जाए तो कहा जाए ओर ना ही विस्थापन किया जा और ना ही रोजगार के कार्य दिए जा रहे जो दिए उनका भी भुगतान नही किया गया वही जंगल मे घूम रहे हाथियों के दल से बैगा आदिवासीयो में दहशत है। लोरमी अचानकमार टाइगर रिजर्व में अभी 19 गाँव ऐसे है जिनको विस्थापित किया जाना है लेकिन विभाग और प्रशासन की उदासीनता के कारण इनका विस्थापन नही हो पा रहा है पूर्व में सन 2010-11 में करीब छः गॉंव का विस्थापन किया गया था लेकिन उसके बाद 11 साल बाद विस्थापन की प्रक्रिया लटकी हुई है। वहीं विस्थापन नही होने से बैगा अदिवादियो को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

अचानकमार टाइगर रिजर्व जो कि मुंगेली जिले की पहचान है अचानकमार टाइगर रिजर्व लोरमी का ऐसा जंगल है जहाँ इमारती लकड़ियों की भरमार है साथ ही टाइगर के अलावा कई जंगली जानवर पाए जाते है। टाइगर रिजर्व में दो जोन बनाये गए थे कोर जोन और बफर जोन। कोर जोन में बिना अनुमति के किसी भी व्यक्ति को जाना प्रतिबंधित है लेकिन इसी कोर जोन में 19 गाँव बसे हुए है जिनका विस्थापन होना बाकी है जिसमे तीन पंचायत के अंतर्गत आने वाले 9 गाँव के बैगा अदिवासी विस्थापन की मांग कर रहे है। इसी सिलसिले में कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष सागर सिंह बैस तिलईडबरा के दौरे पर गए जहाँ बैगा आदिवासियों ने अपनी व्यथा सुनाई आदिवासियों ने बताया कि हमे किसी भी प्रकार का रोजगार नही मिल पाता जिससे हमारी रोजी रोटी की समस्या बढ़ रही है साथ ही जंगलो में हाथियों का झुंड पिछले कई महीनों से घूम रहा है जिसके कारण हम लोग जंगल मे महुआ और तेंदूपत्ता लेने भी नही जा सकते है साथ ही अचानकमार के जंगलो में वन विभाग द्वारा कार्य कराया गया था जिसमे हमारी मजदूरी का भुगतान भी नही हो पाया है। बैगा आदिवासी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुरेश बैगा ने कहा कि हमारी मांग यह है कि पिछले 110 सालों से जो विस्थापन की प्रक्रिया लंबित है वो पूरा हो आज हम सभी लोग कलेक्टर से मिलने आये थे जिनसे विस्थापन की मांग की गई है हमे विकास नही विस्थापन चाहिए। विस्थापन नही होने के कारण हमें मूलभूत सुविधा नही मिल पा रही है बच्चों को पढ़ने के लिए ठीक स्कूल भवन नही मिल रहा इलाज के लिए अस्पताल नही मिलता रोजगार नही मिलता जिसके कारण हम सिर्फ विस्थापन चाहते है अगर जल्द ही हम लोगो को विस्थापित नही किया जाता तो हम सभी मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे।

विस्थापन की मांग कर रहे है बैगा आदिवासियों की समस्याओं को सुनने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सागर सिंह बैस तिलईडबरा पँहुचे जहां ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताई की वो किस कारण से विस्थापन की मांग कर रहे है। बैगाओ की समस्या को देखते हुए श्री बैस के द्वारा तिलईडबरा के ग्रामीणों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुँचे जहां उन्होंने कलेक्टर को ग्रामीणों की समस्याओं से रुबरु कराये। इस मामले में सागर सिंह बैस ने बताया कि बैगा आदिवासियों का बुरा हाल है केंद्र की सरकार आकर देखे की इनकी क्या स्थिति है 2011 में आखिरी बार विस्थापन किया गया था जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी उसके बाद बीजेपी की सरकार में अभी तक विस्थापन की प्रक्रिया पूरी नही हो पाई है। इन आदिवासियों की हालत ये है कि इनको मजदूरी नही मिल पा रही है हाथियों का झुंड लगातार जंगल मे विचरण कर रहा है जिससे सभी दहशत में है अब इन आदिवासियों का विस्थापन करना बहुत ही जरूरी है। इस मामले में अचानकमार टाइगर रिजर्व के उपसंचालक सत्यदेव शर्मा ने बताया कि अभी तीन गाँव के विस्थापन के लिए फर्स्ट स्टेज का क्लियरेंस मिल गया है उसका कुछ कम्प्लायंस भेजना था जिसे भेजा जा चुका है जौसे सेकेंड स्टेज का क्लियरेंस मिलेगा उस पर काम शुरू कर दिया जाएगा उसके बाद बाकी बचे गावो का विस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं इस मामले को लेकर कलेक्टर गौरव सिंह ने कहा कि ग्रामीणों के द्वारा विस्थापन की मांग की जा रही है जिसके लिए विभाग से चर्चा की जाएगी।

कहने को बैगा आदिवासी राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाते है लेकिन इन्ही बैगा आदिवासियों का विस्थापन के नाम पर जमकर शोषण किया जा रहा है कई सालों से बैगाओ को विस्थापन के नाम का झुनझुना पहनाया जा रहा है लेकिन विस्थापित नही किया जा रहा है जिसके कारण इनको मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। अचानकमार टाइगर रिजर्व के तीन पंचायत के अंदर आने वाले करीब 9 गाँव के लोग विस्थापन की मांग कर रहे है लेकिन एटीआर प्रबंधन और प्रशासन इनकी ओर ध्यान नही दे रहा। बहरहाल देखना यह होगा कि विस्थापन की बाट जोह रहे इन बैगा आदिवासियों को कब तक विस्थापित किया जाता है।


क्या कहना है

अचानकमार टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद विस्थापन किया जाना है लेकिन तिलईडबरा के बैगा आदिवासी विस्थापन की मांग कर रहे है लेकिन नही हों पाया है केंद्र में बैठी भाजपा सरकार आकर देखे आदिवासीयो का हाल केंद्र में जब कांग्रेस सरकार थी तब विस्थापन किया गया था उसके बीजेपी सरकार आने के बाद आज तक नही हुआ है समस्या को देखते हुए मुंगेली कलेक्टर को बैगाओ की विस्थापन, रोजगार व मजदूरी भुगतान की माँग को बताया गया है जल्द ही विभाग से चर्चा करने की बात कहे।

सागर सिंह बैस

अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी मुंगेली


एटीआर घोषित होने के बाद कोई रोजगार मुलक के कार्य नही मिल रहे है अधिकारी के मिलीभगत से मशीनों से कार्य किये जा रहे परिवार के भरण पोषण में काफी दिक्कत हो रही है। हम सभी विस्थापन की मांग करते है।

अधारी सिंह, ग्रामीण तिलईडबरा


गाँव के आसपास हाथियों का झुंड घूम रहा है जिसके कारण तेंदुपत्ता, महुवा भी नहीं ला पा रहे है चाहे दिन हो या रात दहशत में जी रहे है हम सभी जल्द विस्थापन की मांग करते है नही होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

गुलबसिया बाई, ग्रामीण तिलईडबरा


अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक
Author: अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक

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