ApnaCg@शासकीय आयुर्वेद औषधायल भवन जर्जर , जमीन नीलामी राशि का हो रहा है बंदरबाट

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दीपक साहू/पथरिया@अपना छत्तीसगढ़ – विकासखंड के अंर्तगत ग्राम पड़ियाईन में स्थित शासकीय आयुर्वेद औषधालय का भवन काफी जर्जर हो गया है। जिसका निर्माण कराने की मांग ग्रामीणों ने की है। गांव के ग्रामीणों ने बताया कि भवन को बने 10 वर्ष हो चुके हैं और देखरेख के अभाव में भवन जर्जर हो गया है। दीवालों में दरारें आ गई हैं भवन की छत से पानी रिसता है। साथ ही इसमें लगे गाटर में भी जंग लग चुकी है। जिससे यह कभी भी जमींदोज हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस भवन में इलाज कराते समय भी मन मे डर बना रहता है कि कही छत की छबाई नीचे सिर में गिर न जाये ।जबकि शासन के द्वारा इस भवन की मरम्मत कर रंग रोगन राशि भी प्राप्त होती है। उसके बावजूत इस भवन का मरम्मत कार्य नही कराया जाता है । अगर इस भवन को तत्काल मरम्मत कार्य नही कराया गया तो भविष्य में कोई मरीजो पर अप्रिय घटना हो सकती है ।

सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने बड़ी ग्राम पंचायत स्तर पर आयुर्वेदिक औषद्यालय खोले हैं। धरातल पर विभागीय लापरवाही व अधिकारियों की मनमानी के चलते यह ग्रामीण क्षेत्र के औषद्यालय महज शोपीस बन कर रह गए हैं।

रोज दर्जनों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं लेकिन डाॅक्टर न होने के कारण वे मायूस होकर वापस लौट जाते हैं। न उन्हें इलाज मुहैया हो पाता है और न ही सरकारी दवाएं।

साथ इस शासकीय आयुर्वेद औषधालय का खुलने का कोई समय निर्धारित नही है कभी खुला रहता है तो कभी बंद रहता है ।जिससे ग्रामीण बिना इलाज कराए ही वापस चले जाते है ।

ज्ञात हो ग्राम पड़ियाईन के शासकीय आयुर्वेद औषधायल के लिए विभाग द्वारा ग्राम में आयुर्वेदिक जड़ी बूटी लगाने के लिए ग्राम में 7 एकड़ जमीन चिन्हाकित कर शासकीय औषधायल के नाम से आबंटित दिया जाता है । जिसके लिए समिति की टीम गठित किया जाता है । जिसमें ग्राम के सरपंच एंव विभागीय डॉक्टर एंव कुछ नागरिक सदस्य रहते है ।

समिति की टीम करती है नीलामी ग्राम के लोगो ने बताया कि उस 7 एकड़ जमीन की हर वर्ष समिति द्वारा खेती करने के लिए ग्राम में समिति के सदस्यों द्वारा नीलामी की जा थी कभी 30 हजार में कभी 40 हजार में और इस वर्ष इस जमीन की नीलामी 70 हजार रुपये में किया गया । वही इस राशि का उपयोग शासकीय आयुर्वेद औषधायल भवन के देख रखाव मरम्मत एंव दवाई को लाने में खर्च ग्राम के सरपंच एंव समिति के सदस्य मिलकर करते है ।

बहरहाल अब सोचने वाली बात यह है कि हर वर्ष इतने सालों से जब नीलामी की राशि समिति के सदस्यों को मिलने के बाद भी शासकीय आयुर्वेदिक औषधायल भवन का हाल बेहाल है । साथ इस औषधालय के छत में लगे पानी की टेंक भी बुरी तरह जर्जर होकर टूट गया है । तो फिर राशि का खर्च कहा किया जा रहा है समझ से परे है ।

सरपंच प्रतिनिधि ग्राम पड़ियाईन – रामेश्वर ध्रुव
राशि का उपयोग समिति द्वारा भवन मरम्मत के लिए खर्च की जाती है इस वर्ष भवन के सामने मिट्टी बिछाई का कार्य कराया गया है ।

डीईओ शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय बिलासपुर – यशपाल सिंह ध्रुव

अगर ऐसा मामला है तो मैं तुंरत जांच करता हु और जर्जर भवन की हालत देखकर मरम्मत कराई जाएगी ।

अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक
Author: अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक

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