ApnaCg@कालिंद्री इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के बंद होने से सैकड़ों श्रमिक व कर्मचारी परिवार में अंधेरा हो गया है

0

तो वहीं शासन को भी दिन प्रतिदिन लाखों रुपयों की हानि हो रही है।

मस्तूरी@अपना छत्तीसगढ़ – मस्तूरी ब्लाक के ग्राम पंचायत कोकड़ी राहाटाटोर के आश्रित ग्राम बेलपान मानिकचौरी में विगत 17 साल से सुचारू रूप से संचालित हो रही कालिंदी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड को प्रबंधन ने अचानक बंद कर दिया और अपने अधिनस्थ श्रमिक व कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है साथ ही प्रबंधन श्रम अधिनियम का हवाला देते हुए मुख्य द्वार पर बतौर सूचना बैनर लगाकर प्लांट बंद के दौरान किसी भी कर्मचारी व श्रमिक को मजदूरी भुगतान करने में असमर्थता जाहिर किया है। जिसके चलते सैकड़ों कर्मचारी व श्रमिकों को रोजगार से वंचित होना पड़ गया है। अचानक से पैदा हुए यह विपत्ति के चलते उनके घर परिवार के सदस्यों में मातम पसर गया है। वर्षों से कंपनी में काम कर अपने बच्चों परिवार का भरण पोषण करने वाले लोगों को अब मजदूरी के लिए लाले पड़ गए हैं सामने त्यौहार है और परिवार के सदस्यों को खाने के लिए तड़पना शुरू हो गया है। ज्ञात हो कि यह कालिंदी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड अपने स्थापना काल से ही आसपास के ग्रामीणों को रोजगार तो दिया ही साथ ही ग्राम विकास के लिए भी सीएसआर मद से जनहित में विभिन्न प्रकार की निर्माण कार्य, पेयजल व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधा ग्राम वासियों को उपलब्ध कराने का काम किया है। गत वर्ष कोविड-19 के समय भी यह कंपनी अपने आसपास के ग्रामीणों के सुख दुख में साथ दिया था और जो बना सहयोग भी किया था।लेकिन यह सब क्षेत्र के ही कुछ स्वार्थी तत्वों के लोगों को रास नहीं आया और प्रबंधन के खिलाफ अचानक अनर्गल प्रचार प्रसार कर अपने स्वार्थ वस धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिए थे। चंद लोगों द्वारा सुनियोजित ढंग से आयोजित इस धरना प्रदर्शन में ग्रामीण पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं ही उपस्थित रहती थी जो एक विचारणीय प्रश्न है। गांव की भोली भाली महिलाओं को सामने कर धरना प्रदर्शन करने वाले लोग धरना प्रदर्शन के 17 वे दिन अचानक से संयंत्र के समक्ष घेराव करते हुए रोजगार उपलब्ध कराने की मांग किया गया था जिस पर प्रबंधन ने अपना हाथ खड़ा करते हुए कहा कि आवश्यकता से अधिक लोगों को काम पर नहीं रखा जा सकता। इस दौरान दुर दराज के लोगों को इकट्ठा कर धरना देने वाले वाले लोगों द्वारा संयंत्र को ही बंद करने की मांग करने लगे।विवाद कि स्थिति निर्मित होते देख प्रबंधन कंपनी को बंद कर दिया। लेकिन इन सब घटनाओं के बीच कंपनी में बतौर कर्मचारी व श्रमिक के रूप सेवा दे रहे क्षेत्रीय लोगों का रोजगार छिन गया ।वर्षों से कंपनी में काम कर रहे लोगों के रोजगार छिन जाने से क्षेत्र के लोगों में राजनीति कारों के प्रति आक्रोश बना हुआ है और ग्रामीण दबी जुबान से ही सही आज भी प्रबंधन से कंपनी में शीघ्र ही काम शुरू करने की मांग कर रहे हैं। कालिंदी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के बंद होने से आज शासन प्रशासन को भी दिन प्रतिदिन लाखों रुपया राजस्व की हानि हो रही है। इस ओर प्रशासन को भी ध्यान देना निहायत ही जरूरी समझा जा रहा है। गौरतलब हो कि मस्तूरी ब्लाक में पचपेड़ी जोंधरा परी क्षेत्र के ग्रामीण स्थानीय स्तर पर रोजगार के अभाव में अन्य प्रांतों को पलायन करते हैं जिनकी संख्या लाखों में होती है आज इस संयंत्र के बंद हो जाने से सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं। ऐसे समय में प्रशासन को सख्त कदम उठाते हुए संयंत्र को शुरू कराने की पहल करना चाहिए। ताकि बेरोजगार हुए कर्मचारी व श्रमिक परिवार अपने परिवार को सुरक्षित करने में सक्षम हो सकें। कालिंद्री इस्पात प्राइवेट लिमिटेड की बंद हो जाने से जय महाकाल मजदूर यूनियन के अध्यक्ष मोहनलाल भारद्वाज ग्राम गोबरी निवासी ने कहा कि क्षेत्र के ग्रामीणों को इस कंपनी से रोजगार मिला है। कुछ स्वार्थी तत्वों के लोगों ने संयंत्र को बदनाम करने सुनियोजित ढंग से बंद कराने का काम किया है। प्रबंधन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार है शासन-प्रशासन कंपनी को शीघ्र शुरू कराएं ताकि बेरोजगार हुए लोग अपने काम पर लौटे सके।
इस्पात संयंत्र में काम करने वाले सुधा राम लहरें ग्राम मानिकचौरी, राजकुमार सोनवानी ग्राम भटचौरा, सुरेंद्र आजगले ग्राम पचपेड़ी सहित उपस्थित लोगों ने बताया कि कालिंदी इस्पात संयंत्र हमें आज काम पर ही नहीं रखा है बल्कि अपने परिवार की तरह हमारा देखभाल भी करता हैं ।हमारे घर परिवार में होने वाले हर सुख दुख में साथ देते हैं और जहां मजदूरी की बात है तो हमें शासकीय कर्मचारियों की तरह सुविधा देते हुए त्योहारों में बोनस भी देता है। सामने दीपावली त्यौहार हैं और यह संयंत्र बंद है हमें आर्थिक रूप से काफी क्षति पहुंच चुकी हैं घर परिवार चलाने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

गौरतलब हो कि गत माह अप्रैल में कालिंदी इस्पात संयंत्र की विस्तार को लेकर क्षेत्रीय कार्यालय छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा लोक सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया था इस दौरान स्थानीय सरपंच सहित आसपास के सभी पंचायत प्रतिनिधियों ने अपना समर्थन व्यक्त किए थे। और आज वही लोग अपने व्यक्तिगत स्वार्थ को लेकर संयंत्र में काम कर रहे क्षेत्रीय ग्रामीणों का रोजगार छिनने पर उतारू हो गए हैं। प्रबंधन भी अपनी फजीहत कराने के बजाय कंपनी को ही बंद कर दिया है।

कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन- कालिंदी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी बंद हो जाने से संयंत्र में काम करने वाले करीब 300 क्षेत्रीय ग्रामीण कर्मचारी व श्रमिक बेरोजगार हो गए और यह सब कंपनी पर ही आश्रित रहते हैं। सामने दीपावली त्यौहार है और लोग जीवन यापन चलाने के लिए तरस रहे हैं। अपने आर्थिक परिस्थितियों को अवगत कराते हुए अनिश्चितकालीन के लिए बंद कालिंद्री इस्पात प्राइवेट लिमिटेड को शीघ्र शुरू कराने की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है।

अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक
Author: अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक

The news related to the news engaged in the Apna Chhattisgarh web portal is related to the news correspondents. The editor does not necessarily agree with these reports. The correspondent himself will be responsible for the news.

Leave a Reply

You may have missed

error: Content is protected !!