ApnaCg@छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्कूल का हाल बेहाल।डी के पी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी भाषा स्कूल में आधे सत्र बीत जाने के बाद भी विषय शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई। लाखों रूपए खर्च करके कंप्यूटर शिक्षा कक्षा रूम बनाया गया लेकिन विषय शिक्षक भर्ती नहीं होने कंप्यूटर शिक्षा से वंचित हो रहे हैं छात्र छात्राएं।/देखिए वीडियो?

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नोडल अधिकारी नियुक्त करने के बाद भी स्वामी आत्मानंद स्कूल की समाग्रियों को ध्यान नहीं दिया गया, डेट्स टेबल अभी टूटने फूटने लगे हैं। ब्लाक प्रमुख स्कूल होने के बाद भी असुविधा हो रहा छात्र छात्राओं।

करगीरोड /कोटा@अपना छत्तीसगढ़ – कोटा ब्लाक प्रमुख स्कूल अंग्रेजी माध्यम स्कूल डी के पी स्वामी आत्मानंद स्कूल अंग्रेजी माध्यम स्कूल में आधे सत्र गुजर गया लेकिन छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वामी आत्मानंद स्कूल अंग्रेजी माध्यम से सभी को समानता के आधार पर प्रथमिक से लेकर हायर सेकेण्डरी स्कूल तक अंग्रेजी माध्यम तक बच्चे 545 छात्र छात्राऐं अंग्रेजी माध्यम में पढ़ें लेकिन कोटा डी के पी स्कूल स्वामी आत्मानंद स्कूल में आधे सत्र बीते जानें वाले हैं, लेकिन विषय शिक्षक नहीं होने के कारण, दूसरे विषय के शिक्षक कोर्स पूरा कर रहे हैं। वहीं ज्यादातर छात्र छात्राओं ने प्राइवेट ट्यूशन फीस देकर पढ़ रहे हैं और कोर्स पूरा कर रहे हैं।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वामी आत्मानंद स्कूल अंग्रेजी भाषा के स्कूलों के खूब वाहवाही बटोर रहे हैं लेकिन डी के पी‌आत्मानंद स्कूल में जो नोडल अधिकारी नियुक्त की गई है वे भी अपने कर्तव्य निर्वहन नहीं कर रहे हैं और ना ही समय समय पर निरक्षण भी नहीं करते ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट और सभी वर्गों के विद्यार्थियों को कैसे शिक्षा मिलेगी और स्कूल का रिजल्ट घोषित कैसे होगा ये जब सत्र निकले और परिणाम घोषित होने पर पता चलेगा।

डी के पी स्वामी आत्मानंद स्कूल और कक्षा रूम व प्रांगण गंदगी इतनी हैं कि प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वामी आत्मानंद स्कूल खोले गए हैं लेकिन यहां चपरासी का पदस्थ नहीं किये है चारों तरफ गंदगी , क्लास रूम में भी गंदगी दिखाई दे रहा है, यहां कभी कभी बच्चे भी स्वामी आत्मानंद स्कूल में साफ़ सफाई व्यवस्था को करते हैं, ब्लाक प्रमुख स्कूल में अंग्रेजी माध्यम स्कूल स्थापित किया गया है लेकिन चपरासी पदस्थ करना भूल गए, ब्लाक प्रमुख स्कूल में इनका प्रमुख जिला प्रशासन कलेक्टर पदेन अध्यक्ष हैं लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के स्वामी आत्मानंद स्कूल में भगवान भरोसे चल रहा है।

गौरतलब है कि डी के पी आत्मानंद स्कूल में लाखों रूपए के अंग्रेजी माध्यम के सभी उच्च शिक्षा के बच्चे को तकनीकी रूप से व डिजिटल माध्यम से शिक्षा देने के दर्जनों कंप्यूटर रूम बनाये गये है लेकिन कंप्यूटर शिक्षा देने वाले शिक्षक भर्ती ही नहीं हुई ऐसे में कैसे शिक्षा ग्रहण करेंगे स्वामी आत्मानंद स्कूल के विद्यार्थी यहां दूसरे विषय के शिक्षक कम्प्यूटर शिक्षा दें रहें हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के मंशा के अनुरूप शिक्षा प्राप्त हो रहा है,इसकी खामी देखने वाले शिक्षा विभाग भी अनदेखी कर रहे हैं,और इसका सीधा लाभ स्वामी आत्मानंद स्कूल के बच्चे को नहीं मिल पा रहा है।

डी के पी स्वामी आत्मानंद स्कूल कोटा में पीने पानी भी बोर का पानी पीने के लिए मजबूरी है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट स्कूल में बिना फिल्टर के पानी पी रहे हैं।

लाइब्रेरी के शिक्षक भी कक्षा में बच्चों पढ़ने जाने के बाद लाइब्रेरी बंद हो जाता है , इसमें भी अतरिक्त भर्ती नहीं हुई है।

डी के पी आत्मानंद स्कूल में करोड़ रुपए खर्च करने बाद भी यहां गुणवत्ता के सामान नहीं मिले हैं, यहां अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को छोटे छोटे बच्चों को कक्षा रूम में बैठने वाले डेट्स है जो यहां प्रायमरी के बच्चों को सही तरीके से बैठने तक नहीं बनता है ऐसे डेट्स गुणवत्ता विहिन वाले समान को सप्लाई किया गया है जब कोई विषय शिक्षक ब्लेक बोर्ड में पढ़ाने विषय संबंधी जानकारी के जब लिखते हैं तो छोटे छोटे बच्चों को ठीक से दिखाई नहीं देता और बच्चे भी खड़े होकर ब्लेक बोर्ड में शिक्षक द्वारा लिखित विषय संबंधी जानकारी को खड़े होकर लिखना पड़ रहा है और वही हायर सेकेण्डरी स्कूल बच्चों को डेट्स में ठीक तरीके से खड़े नहीं हो पाते हैं ऐसे में स्वामी आत्मानंद स्कूल में नाम शिक्षा प्राप्त करने जायेंगे।
और छत्तीसगढ़ सरकार की सभी को अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षा प्राप्त कैसे होगी।

स्वामी आत्मानंद स्कूल में पहली सत्र में स्कूल के नये डेट्स गुणवत्ता विहिन होने के कारण अभी से टूटने वालें है और स्कूल रूम में टूटी फूटी डेट्स टेबल दिखाई दे रहा है , ऐसे में आने वाले समय में सरकार की ये येजना का अमल होना संभव होना मुश्किल है।
यहां तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने हेतु बड़े बड़े एललीडी लगाया गया है ,वे कभी चलते हैं कभी नहीं चलते जब संबंधित शिक्षक इस बारे में शिक्षा विभाग को अवगत कराता है वे तो संबंधित समान सप्लाई ठेकेदार को आते समान का बिल पूरा लेते हैं लेकिन गुणवत्ता विहिन समान को सप्लाई करने के बाद स्कूल में ना ही सर्विस करने आते हैं ऐसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी का तकनीकी शिक्षा को लेकर उनकी मंशा आधी अधूरी रह जाएगी। स्वामी आत्मानंद में स्कूल डी के पी में पूरा तकनीकी शिक्षा के समान दिया गया पूरा गुणवत्ता विहिन है अब देखना होगा की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट वाले स्कूलों में व्यवस्था को दुरुस्त करते हैं की नहीं,ये तो आने वाले सत्र ही बतायेगा।
स्वामी आत्मानंद स्कूल में खेल विभाग रूम में बरसात के दिनों में पूरा खेल समाग्री ही यहां के खेल विभाग के रूम अत्याधिक पानी गिरने से पूरा समान अलमारी में रखे हुए समान भी पानी में भिंग गये और लोकनिर्माण विभाग द्वारा निमार्ण फालसिंग भी गिरने लगा है यह भी गुणवत्ता विहिन निर्माण कार्य होने से कभी यहां खेल विभाग कक्षा में सीखने वाले बच्चों को खतरा बना हुआ है,इन सब खामी को आत्मानंद स्कूल में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है लेकिन सरकार की मंशा अनुरूप कार्य किया जा रहा है, ऐसे में सभी को स्वामी आत्मानंद में स्कूल में अंग्रेजी माध्यम और गुणवत्ता शिक्षा कैसे प्राप्त होगा।यह आने वाले सत्र ही बतायेगा,जब सरकार को जब तक विषय शिक्षक भर्ती प्रक्रिया होने के बाद ही स्कूल को सुचारू रूप से संचालित करना चाहिए लेकिन यहां आधे अधूरे तैयारी में स्वामी आत्मानंद स्कूल संचालित किया गया है।

स्वामी आत्मानंद स्कूल अंग्रेजी में चपरासी नहीं होने के कारण पूरी तरह से स्वच्छता अभियान का मज़ाक उड़ाया जा रहा है,आखिर कौन करें साफ सफाई ब्लाक प्रमुख स्कूल में आधे अधूरे तैयारी में ही संचालित कर दिया गया स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल जो की बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
वहीं स्कूल प्रांगण में बने हुए कक्षा रूम में छात्र छात्राओं को शौचालय और बाथरूम की व्यवस्था सही तरीके नहीं होने के कारण लगभग एक नये कक्षा से पुराने डी के पी स्कूल में सभी को शौचालय और बाथरूम का उपयोग करने लगभग सौ मीटर दूर तय कर जाना पड़ता है, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल में दो विभाग ने कार्य कराया है जो की लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी विभाग ने निमार्ण कार्य वे गुणवत्ता विहिन समाग्री का उपयोग किया गया है, ठेकेदार और निमार्ण कार्य अधिकारियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल गुणवत्ता विहिन कार्य करने पर भी नहीं चुके।

अब देखना होगा कि आखिर कब तक डी के पी स्वामी आत्मानंद स्कूल में आधे अधूरे तैयारी में स्कूल संचालित किया जा रहा है स्कूल से पूरी तरह से तैयार आखिर कब होगा और इसका सीधा लाभ स्वामी आत्मानंद स्कूल के बच्चे को होगा।

स्वामी आत्मानंद स्कूल प्राचार्य राकेश सर ने बताया की डी के पी स्वामी आत्मानंद स्कूल में शिक्षक की कमी है हम सभी विषयों की तैयारी करा रहे,समय समय पर उच्च अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है,और यहां चपरासी नहीं होने के कारण स्कूल की साफ़ सफाई व्यवस्था नियमित रूप नहीं हो पाता है।

जिला शिक्षा अधिकारी डी के कौशिक से इस संबंध में जानकारी प्राप्त के लिए फोन से लगाया लेकिन उन्होंने ने फोन रिसीव नहीं किया।

ब्लाक अध्यक्ष आदित्य दिक्षित – डी के पी स्वामी आत्मानंद स्कूल अंग्रेजी माध्यम में विषय शिक्षकों को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराकर जल्दी इस समस्या को दूर करेंगे।

अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक
Author: अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक

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