ApnaCg @राष्ट्रीय रोजगार नीति बनाने के लिए जंतर मंतर पर 30 से ज्यादा संगठनों ने मिलकर किया रोजगार संसद का आयोजन – स्थानीय साथी देश की बात फाउंडेशन

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20 दिसंबर को माननीय प्रधानमंत्री को दिया गया ज्ञापन और राष्ट्रीय रोजगार नीति का मसौदा -स्थानीय साथी देश की बात फाउंडेशन

26 जनवरी तक सभी पार्टियों के सभी सांसदों को दिया जाएगा राष्ट्रीय रोजगार नीति का मसौदा I – स्थानीय साथी देश की बात फाउंडेशन

अगले वर्ष 23 से 25 मार्च तक देश भर के संगठनों के साथ दिल्ली मे राष्ट्रीय रोजगार सम्मेलन करने की घोषणा I -स्थानीय साथी देश की बात फाउंडेशन

मुंगेली –देश की बात फाउंडेशन की पहल पर संयुक्त आयोजन समिति के बैनर तले दिनांक 19 दिसंबर को जंतर -मंतर पर रोजगार संसद आयोजित किया गया । इस रोज़गार संसद में 30 से अधिक प्रमुख छात्र, युवा संगठन, शिक्षक संगठन, ट्रेड यूनियन, किसान यूनियन, NGO’s आदि ने ‘राष्ट्रीय रोजगार नीति’ के मसौदे पर विचार-विमर्श के लिए 2000 से अधिक लोगो के साथ हिस्सेदारी की।रोजगार संसद को दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री और देश की बात फाउंडेशन के संस्थापक गोपाल राय ने संबोधित किया। गोपाल राय ने कहा आज देश बेरोजगारी के भयावह संकट से जूझ रहा है । बड़ी- बड़ी डिग्रियां लेकर भी युवा आज काम के लिए दर -दर भटक रहे हैं । रोजगार का नया सृजन करना तो दूर देशभर में लाखों खाली पड़ी सरकारी वेकैंसी पर भी भर्ती नहीं की जा रही है , जहां भर्ती हो भी रही है, ठेकेदारी व्यवस्था के तहत हो रही है , जिससे काम करने के बावजूद लोगों को सम्मान पूर्वक जीवन जीना मुश्किल हो रहा है । प्राइवेट सेक्टर में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होने की जगह छटनी की तलवार लोगों के सर मंडरा रही है ।पहले से ही बेरोज़गारी की मार झेल रही हमारी अर्थव्यवस्था को कोरोना ने ओर अधिक चिंताजनक स्थिति में पहुंचा दिया। आज बेरोज़गारी की समस्या ना सिर्फ़ गांव के लोगो की है बल्कि जो लोग बड़े-बड़े शहरों में रहते हैं, उनकी समस्या भी है । गोपाल राय ने कहा देश की बात फॉउंडेशन जो एक वैचारिक संगठन है और ‘सकारात्मक राष्ट्रवाद’ की विचारधारा के आधार पर राष्ट्रनिर्माण के लिए काम कर रहा है, सकारात्मक राष्ट्रवाद का मानना है, बेरोज़गारी की समस्या का समाधान – ‘राष्ट्रीय रोज़गार नीति’ है ।

‘सकारात्मक राष्ट्रवाद’ के अनुसार रोज़गार सिर्फ़ आर्थिक मसला नहीं है, बल्कि राष्ट्रनिर्माण में सबकी हिस्सेदारी का मसला भी है। रोज़गार के ज़रिए ना सिर्फ भौतिक जरूरतें जैसे रोटी, कपड़ा, मकान की जरूरत पूरी होती है बल्कि राष्ट्रनिर्माण में भागीदारी के ज़रिए आत्म-संतुष्टि व आत्मसम्मान भी पूरा होता है। गोपाल राय ने कहा बेरोजगारी की समस्या को हल करने के लिए आजादी के बाद भारत में जिस तरह की नीतियां बनाने की जरूरत थी, आज तक हमारी सरकारों ने ऐसी नीतियों नही बनाई। यही कारण है कि आजादी के सात दशक से अधिक समय के बाद भी हमारे देश में राष्ट्रीय रोजगार नीति नहीं बन पाई है I आम तौर पर देश और दुनिया में एक परंपरा रही है, की लोग समस्या से उत्पन्न संकट का विरोध करते हैं, लेकिन समाधान के लिए काम नहीं करते हैं। देश की बात फाउंडेशन ने बेरोजगारी की समस्या को हल करने के लिए देश के सामने ‘राष्ट्रीय रोजगार नीति’ बनाने की पहल की है। देश की बात फाउंडेशन ने अर्थशास्त्र के प्रोफेसरों, अनुसंधान विद्वानों और विशेषज्ञों की एक शोध टीम का गठन किया, जिन्होंने ‘राष्ट्रीय रोजगार नीति’ का मसौदा तैयार किया!रोजगार संसद की अध्यक्षता कर रहे कृष्णा यादव ने कहा कि 30 से अधिक प्रमुख छात्र, युवा संगठन, शिक्षक संगठन, ट्रेड यूनियन, किसान यूनियन, NGO’s आदि संगठनों द्वारा हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन 20 दिसम्बर को प्रतिनिधि मंडल के जरिये प्रधानमंत्री कार्यालय को दिया जाएगा और ‘राष्ट्रीय रोजगार नीति’ बनाकर लागू करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री से अपील की जाएगी, इसके साथ ही इस रोज़गार आंदोलन से जुड़े, देश के सभी राज्यों से लगभग 500 जिलों के प्रतिनिधि, प्रधानमंत्री को संदर्भित मसौदे के ज्ञापन को अपने-अपने जिलों के जिलाधिकारियों को 20 दिसंबर को सोपेंगे। रोजगार संसद को सामाजिक चिंतक गौहर रज़ा, आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन साई बालाजी, छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष रवि पांडेय, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) के संयुक्त सचिव- JNUSU मोहम्मद दानिश, डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) के पूर्व JNU छात्र संघ सह सचिव शुभांशु सिंह, रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) के राष्ट्रीय सचिव फरहान, आप यूथ विंग प्रभारी रोहित लकड़ा, जन अधिकार छात्र परिषद (जेएनसीपी) के दिल्ली प्रदेश प्रवक्ता शौकत अली, यूपीएससी प्रतिपूरक प्रयास मंच के संयोजक सोहन, सेंटर फॉर ट्रेड यूनियन के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनुराग सक्सेना, हिन्द मजदूर सभा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष नारायण, लेबर प्रोग्रेसिव फ्रंट सचिव मोहन कुमार, श्रमिक विकास संगठन (एसवीएस) के दिल्ली प्रदेश के जनरल सेक्रेटरी रघुराज सिंह, सेल्फ एम्प्लोयेड वोमंस एसोसिएशन (सेवा) की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती लता, ट्रेड यूनियन समन्वय समिति (टीयूसीसी) के राष्ट्रीय सचिव रामेंद्र कुमार, दिल्ली घरेलु कामगार यूनियन की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अनीता जुनेजा, निर्माण मजदूर पंचायत संगम के सचिव श्री चिन्मयी, भारतीय रेलवे मजदूर यूनियन (बीआरएमयू) के अध्यक्ष श्री नवीन पीर, आल इंडिया सेंट्रल कौंसिल ऑफ़ ट्रेड यूनियन (AICCTU) के अध्यक्ष श्री गौतम/अभिषेक, दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) के अध्यक्ष प्रो. हंसराज ह्यूमन, सर्वोदय एडवोकेट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष एडवोकेट् श्रीमति सिमरन, 4B फाउंडेशन की प्रभारी श्रीमती सुनीता चौहान, एस भांबरी एसोसिएट्स की अध्यक्ष एडवोकेट् सोफिया, किसान संगठन प्रभारी गजेंद्र सिंह, सीआईआई कार्यकारी अधिकारी श्रीमति सुमन,सिविल्स कॉर्नर, कन्वीनर,आकाश जाधव देश की बात फाउंडेशन के केंद्रीय समन्वयक भानु भारतीय ने संबोधित किया! 26 जनवरी तक देश भर की सभी पार्टियों के सभी सांसदों को दिया जाएगा राष्ट्रीय रोजगार निति का ड्राफ्ट! रोजगार संसद में तय किया गया कि अगर केंद्र सरकार तीन महीने में राष्ट्रीय रोजगार नीति के मसौदे को स्वीकार नही करती है तो देश भर के छात्र, युवा, ट्रेड यूनियन, किसान यूनियन, महिला एव सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ 23 से 25 मार्च तक दिल्ली मे राष्ट्रीय रोजगार सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा, जिसमे आगे के आन्दोलन की रूप रेखा तय होगी! देश की बात के स्थानीय साथी ने कहा कि राष्ट्रीय रोजगार नीति का मसौदा और प्रधानमंत्री नाम के ज्ञापन भी आज जिला कलेक्टर को दिया गया ज्ञापन देने वालो में रामकुमार गंधर्व ,विरेन्द्र सप्रे,मोहित यादव ,गोकुल यादव,नारायण यादव,मुकेश सप्रे , राजेन्द्र पोर्ते , रामेश्वर ध्रुव , ओमप्रकाश साहू ,राजेन्द्र यादव , ब्रजेश ठाकुर ,विजयपाल सिंह ठाकुर , रमेश देवांगन, हरि देवांगन, उपस्थित रहे ।

अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक
Author: अपना छत्तीसगढ़ / अक्षय लहरे / संपादक

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